सिंगरौली

LPG Gas Cylinder के लिए भटक रही जनता, छुट्टी पर अधिकारी, बुकिंग और डिलीवरी ठप, लंबी कतारों से बढ़ी परेशानी

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LPG Gas Cylinder

LPG Gas Cylinder: शादी-विवाह का सीजन शुरु होते ही एक बार फिर LPG गैस की डिमांड जिले में बढ़ गई है। डिमांड बढ़ने के साथ ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं। तपती दोपहरी में घंटों-घंटों लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है। लाइन में लगने वालों में से किसी को गैस मिलती है तो किसी को अगले दिन का समय दे दिया जा रहा है।

जिले में गैस की किल्लत बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी यही कहते हैं कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। एजेंसियों के बाहर जो लाइन लग रही है, वह ई-केवाईसी कराने वालों की लग रही है। जिले में अब तक कितने एलपीजी कनेक्शनधारियों की ई-केवाईसी नहीं हुई है, यह भी अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।

खाद्य विभाग का अमला लापता

जिले में गैस आपूर्ति बनी रहे, इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर खाद्य विभाग के जिम्मे है, लेकिन विभाग के अधिकारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों का कहीं पता नहीं है। जिला अपूर्ति अधिकारी कई दिनों से छुट्टी पर हैं, तो कनिष्ठ अपूर्ति अधिकारी परीक्षा देने के लिए बाहर गए हुए हैं। यानी पब्लिक अगर गैस से संबंधित शिकायत लेकर विभाग पहुंचती है तो वहां उसकी कोई सुनवाई करने वाला जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिलता है। हालांकि कलेक्टर पूर्व में निर्देश दे चुके हैं कि जिले में एलपीजी की समस्या न हो, इसको ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारी नियमित रुप से गैस एजेंसियों की जांच करें और पब्लिक की जो समस्या है उसे दूर करें।

लकड़ी और कोयले का बढ़ा उपयोग

जिन लोगों को गैस टंकियां नहीं मिल रही हैं, उनको मजबूरी में खाना बनाने के लिए लकड़ी या कोयले की व्यवस्था करनी पड़ रही है। सबसे अधिक समस्या उन लोगों को हो रही है, जिनके घरों में विवाह व कोई कार्यक्रम है, ऐसे लोगों को गैस नहीं मिल रही, जिससे वे लोग लकड़ी और कोयले की व्यवस्था कर अपना काम चल रहा है। एलपीजी की आपूर्ति कब सामान्य होगी, इसके बारे में भी विभागीय अधिकारी कुछ बताने की जगह ऑयल कंपनियों के जिम्मे बात डाल देते हैं।

बुकिंग व डिलेवरी में समस्या 

शासन के निर्देश हैं कि 25 दिन में शहरी क्षेत्र और 45 दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की बुकिंग होगी, लेकिन कई लोगों की समय सीमा निकल जाने के बाद भी गैस बुकिंग नहीं हो रही है। बुकिंग की समस्या लेकर जब लोग एजेंसी पहुंचते हैं तो उनको खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों से संपर्क करने को कह दिया जाता है। वहीं कुछ लोगों की बुकिंग होने के बाद भी उनको समय पर एलपीजी की डिलेवरी नहीं मिल पा रही है। यानी बुकिंग और डिलेवरी के बीच में कोई न कोई खेला हो रहा है, जिसके चलते जिले में गैस की समस्या बनी हुई है।

क्या कहते हैं लोग

ऑनलाइन गैस बुकिंग के लिए दो दिन से प्रयास किया लेकिन बुकिंग नहीं हुई। मजबूरन बुकिंग और गैस के लिए एजेंसी में आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। यहां भी गैस मिलेगी या नहीं मिलेगी, इस पर भी संशय बना हुआ है।

– प्रमिला वर्मा, वैढ़न

गैस को लेकर मारामारी मची हुई है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है। घर में कार्यक्रम का आयोजन करना है, जिसके लिए गैस की आवश्यकता है, लेकिन कब गैस मिलेगी, यह पता नहीं है।

– अमर पटेल, विंध्यनगर

गैस वितरण और बुकिंग वितरण में सुधार होना चाहिए, बुकिंग के बाद गैस की डिलेवरी समय पर हो, इसके लिए एजेंसियों को ध्यान देना चाहिए। हमें लाइन में लगने का शौक नहीं है, लेकिन मजबूरी में लाइन में लगना पड़ रहा है। – दिनेश शाह, बिलौंजी

इनका कहना है

गैस की कहीं कोई कमी नहीं है। मैं बाहर हूं, सोमवार को पहुंचकर वितरण और बुकिंग की अगर समस्या है तो उसका निराकरण किया जाएगा। एजेंसी में लोग ई-केवाईसी करवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ जाती है।

-पीसी चंद्रवंशी, खाद्य आपूर्ति अधिकारी

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