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MP News : मध्य प्रदेश में पहली बार ओपन जेलों में होगा 10% महिला आरक्षण,1600 महिला बंदियों को मिलेगा फायदा

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MP News : नौकरी में मिल रहे महिला आरक्षण के बीच पहली बार मप्र की ओपन जेलों में अब महिला बंदियों को भी रहने का अधिकार मिल सकता है। जेल मुख्यालय ने महिलाओं को ओपन जेल में पात्रता देने और उनके लिए 10% आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है। खास बात यह है कि मप्र में यह पहल सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई है, जब फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को ओपन जेलों का दायरा बढ़ाने और महिलाओं को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए। मप्र के डीजी जेल वरुण कपूर ने दिसंबर 2025 में शासन को भेजे प्रस्ताव में ओपन जेल नियमों बदलाव की अनुशंसा की की है। है। इसके लिए में ओपन जेल नियम की धारा 4(2) (एल) हटाने की सिफारिश की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने ओपन जेलों में महिलाओं को शामिल करने के लिए दिया 6 माह का वक्त

मप्र में 2009 से ओपन जेलों का संचालन हो रहा है। फिलहाल 8 ओपन जेल हैं, जिनकी कुल क्षमता 138 बंदियों की है। ये ओपन जेल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन और सागर में हैं। प्रदेश की जेलों में करीब 42 हजार बंदी हैं। इनमें करीब 1600 महिलाएं हैं। प्रस्ताव लागू होने के बाद महिला बंदियों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

शर्तें क्या… अच्छा व्यवहार और कमाई की क्षमता जरूरी

ओपन जेल में रहने के लिए बंदी का अच्छा आचरण, मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। 7 साल से ज्यादा सजा वाला बंदी दो-तिहाई सजा पूरी कर चुका हो। उम्रकैद वाले बंदी 14 साल जेल में बिता चुके हों। इसके अलावा बंदी के पास कोई न कोई व्यावसायिक दक्षता होना जरूरी है, ताकि वह ओपन जेल में रहते हुए आजीविका के लिए खुद कमाई कर सके।

निगरानी कैसे… सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नजर रखेगी कमेटी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन के लिए नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (नालसा) ने हाई पावर कमेटी गठित की है। यह कमेटी देशभर में ओपन जेल व्यवस्था के विस्तार और महिलाओं को इसमें शामिल करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगी। कमेटी में मप्र व महाराष्ट्र के डीजी जेल को सदस्य बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को आदेश के पालन के लिए 6 माह का समय दिया है।

क्या होती है ओपन जेल

  • ओपन जेल में बंदियों पर 1 पारंपरिक जैसी कड़ी निगरानी नहीं होती।
  • बंदी दिन में बाहर जाकर शाम को वापस लौटते हैं।
  • 2 काम कर सकते हैं और इसका मकसद अच्छे व्यवहार 3 वाले कैदियों का सामाजिक पुनर्वास करना होता है.

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