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West Bengal Election 2026  : बंगाल में सियासी पारा चरम पर,2.40 लाख जवानों की तैनाती, वोटरों की हो रही दो बार जाँच 

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West Bengal Election 2026

West Bengal Election 2026  : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले सियासी हवा आग उगल रही है। कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में सड़क किनारे फल बेच रहे एक दुकानदार कहते हैं, ‘वोटिंग भले ही कल (23 अप्रैल) हो, लेकिन असली खेल तो आज रात से शुरू होगा। 10 चुनाव देख चुका हूं, लेकिन इतनी ‘गर्मी’ पहली बार है…। लड़ाई ममता की केमिस्ट्री और भाजपा की रणनीति के बीच है।’

दरअसल, पहले चरण की 152 सीटों पर इस बार मुकाबला 2021 जैसा सीधा नहीं है। पहली बार केंद्रीय सुरक्षा बलों का सख्त पहरा है। 2.40 लाख जवान तैनात हैं। बख्तरबंद वाहन सड़कों पर घूम रहे हैं। ममता भी इस तैनाती को अभूतपूर्व कह रही हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि वे इतने जवान तैनात करके क्या मुझे डराना चाहते हैं। मैं भाजपा से नहीं डरती। मैं देखना चाहती हूं कि किसके पास ज्यादा ताकत है।

हर बूथ से वेब कास्टिंग, बाहर सीसीटीवी

पहली बार वोटर की दो बार जांच। पहली जांच बूथ के बाहर बीएलओ करेगा। रजिस्टर में नाम दर्ज होंगे। फिर अंदर आईडी देखी जाएंगी। रात में बाइक पर बैन (आंशिक)। हर पोलिंग बूथ की लाइव निगरानी, गड़बड़ी पर रीपोलिंग।

केमिस्ट्रीः महिला मुस्लिम और दिल्ली बनाम दीदी

सुरक्षा कवच ममता ने महिलाओं मुस्लिमों से जो केमिस्ट्री बनाई है, वो 15 साल की एंटी इन्कम्बेंसी पर हावी है। लक्ष्मी भंडार की 2.50 करोड़ लाभार्थी हैं, देश में सबसे ज्यादा।

बंगाली अस्मिता

ममता का कैंपेन ‘दीदी बनाम दिल्ली’ पर टिका है। निर्वाचन आयोग की सख्ती, एसआईआर और एजेंसियों की कार्रवाई को ममता ‘दिल्ली का दबाव’ बता रही हैं।

ग्राउंड पर पकड़ 

ममता का कैडर 85 हजार बूथों तक फैला है, जो वोटरों से संपर्क रखता है। इसी वजह से 2021 में ममता ने 215 में से 137 सीटें 20 हजार से ज्यादा अंतर से जीती थीं।

रणनीति घुसपैठ पर घेरो दीदी पर सीधा हमला नहीं

भाजपा की चुनावी रणनीति से जुड़े एक नेता कहते हैं कि 2021 में तृणमूल को हमसे करीब 60 लाख वोट ज्यादा मिले थे। एसआईआर में अभी 91 लाख नाम कटे हैं।

महिलाएं 

पार्टी ने 3000 रु. महीना देने का वादा किया है। रजिस्ट्रेशन भी शुरू। छत्तीसगढ़, दिल्ली में भाजपा का टेस्टेड फॉर्मूला रहा है।

सीधा हमला नहीं

भाजपा ने इस बार सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करने की जगह ‘ममता सरकार, तृणमूल सरकार’ पर फोकस किया। बाहरी नेताओं को पर्दे के पीछे रखा है। घर-घर कैंपेन पर ही फोकस।

टीएमसी विधायक भाजपा में गए 

गोपीबल्लवपुर सीट से विधायक डॉ. खगेन्द्र नाथ माहातो गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए। टीएमसी ने इन्हें टिकट नहीं दिया था।

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