Singrauli Bijli Bill : ग्राम पंचायतों को बिजली विभाग द्वारा थमाए गये बिलों को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सरपंच व सचिव लाखों रुपये का बिल देखकर माथा पकड़े हुए हैं। उधर जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे 5वें वित्त की राशि से बिल जमा करने का दबाव डालकर उन्हें अलग से मुसीबत में डाल दिये हैं। पंचायत विभाग के जानकारों की मानें तो पहले ग्राम पंचायतों में स्थित पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्रों व अन्य शासकीय भवनों का बिजली बिल शासन स्तर से जमा कर दिया जाता था, लेकिन अब पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग सीधे बिजली का बिल जमा न कराते हुए ग्राम पंचायतों को इसका जिम्मा सौंप दिया है। जिसके बाद बिजली विभाग ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5 से 10 कनेक्शन दिखाकर 5 से 15 लाख रुपये का बिजली बिल बनाकर भेज दिया है। जिसे पाने के बाद सरपंच व सचिवों के पैरों तले जमीन खिसक गई है, क्योंकि शासन से इस मद में पैसा भी नहीं आ रहा है।
5वें वित्त में बहुत कम है राशि
बताया कि जिला पंचायत सीईओ ने पिछले दिनों वीसी के माध्यम से बिजली बिल जमा करने को कहा था। उस दौरान सरपंच व सचिवों ने उन्हें पंचायत खाते में पैसा न होने की बात । बताई थी, तब जिला पंचायत सीईओ ने जोर दिया था कि 5वें बताया कि जिला पंचायत सीईओ ने पिछले दिनों वीसी के माध्यम वित्त की राशि से बिजली का बिल जमा कराया जाए। उस समय तो किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन अब छटपटाहट बढ़ गई है, क्योंकि 5वें वित्त में काफी कम पैसा पंचायत खर्च के नाम पर शासन द्वारा भेजा जाता है, जबकि बिजली का बिल कम से कम 5 लाख रुपये और अधिकतम 14 लाख रुपये का आया है।
दूरस्थ ग्राम पंचायतों का भी 6 लाख का बिल
भदैली और सुलियरी ग्राम पंचायत छत्तीसगढ़ के बार्डर पर स्थित हैं। यहां पर पहुंचना ही बहुत बड़ा काम होता है, इसलिए बिजली खपत लगभग शून्य रहती है, लेकिन सुहिरा में 6 कनेक्शन 9 लाख रुपये का बिल, ग्राम पंचायत रजमिलान में 10 कनेक्शन, भदैली में 4 कनेक्शन, मकरोहर में 2 कनेक्शन, खुटार में 14 लाख रुपये का बिल आया है। इसी प्रकार अन्य ग्राम पंचायतों में भी भारी-भरकम बिल भेजकर सचिवों में दहशत फैला दी गई है।
नल-जल योजना संचालित नहीं फिर भी आया बिल
पंचायत कर्मियों ने बताया कि अभी तक नल-जल योजना से एक भी बूंद पानी ग्रामीणों को नहीं मिला है, लेकिन नल-जल योजना से प्रत्येक ग्राम पंचायत में 3 से 4 कनेक्शन बिजली विभाग द्वारा किये गये हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन व अन्य भवन के नाम पर भी कनेक्शन दिखाई दे रहे हैं। मौके पर कुछ भी नहीं है। यदि बिजली का कनेक्शन सही होता और उसका उपयोग हो रहा होता तो बिल जमा करने को लेकर इतनी कठिनाई महसूस नहीं हो रही होती, लेकिन बिजली की खपत हुई नहीं और लाखों रुपये कैसे और क्यों जमा कर दिये जायें, इसको लेकर सभी पेशोपेश में हैं।
MP News: बैल को मारने से नाराज किसान ने यूरिया खिलाकर बाघ को मारा
UP Varanasi News: मिर्जामुराद में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, मजदूर की मौत, छह जख्मी
LPG Shortage News: घबराएं नहीं… देश में पेट्रोल-डीजल, LPG का 60 दिन का स्टॉक मौजूद
Maihar News: चैत्र नवरात्र के छठवें दिन 90 हजार श्रद्धालु पहुंचे मैहर













