पेशेवर सॉल्वर वसूलते थे मोटी रकम
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लुभाता था और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूलता था। उन्होंने बताया कि ऐसा आरोप है कि इस गिरोह के सदस्य बिचौलियों के जरिए जाली दिव्यांगता प्रमाण पत्र का इंतजाम करते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि उम्मीदवारों को दिव्यांगता की श्रेणी के तहत योग्य घोषित किया जाए। एसटीएफ के बयान के मुताबिक, आरोपी परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा में बैठने और प्रश्न-पत्र हल करने के लिए पेशेवर सॉल्वर का इस्तेमाल करते थे।
एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल भर्ती परीक्षा टियर-टू में हुई अनियमितता से जुड़ा है। बयान के अनुसार, यह परीक्षा जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट के पद के लिए 22 से 25 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। इसमें बताया गया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज किशोर, नीरज झा, सत्यम कुमार, राम मिलन, मनीष मिश्रा, आकाश अग्रवाल, सौरभसोनी, अभिषेक यादव और दीपक कुमार के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
छापेमारी कर लिया हिरासत में
बयान के अनुसार, सूचना के आधार पर एसटीएफ की एक टीम ने 24 मार्च को लखनऊ के विकास नगर, सेक्टर चार स्थित सेंट्रल एकेडमी में बने सीबीएसई परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जबकि एक अन्य आरोपी को बाद में पूछताछ के लिए गोरखपुर से से लाया गया। बयान के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजी सुबूतों के आधार पर बुधवार को सभी नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 2.70 लाख रुपये नकद, एक कार और छह जाली दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बरामद किये गये।
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