MP News : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 के तहत मप्र में 973 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। 2117 किमी की लंबाई के लिए 1763 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विन्ध्य और महाकौशल क्षेत्र में 11 जिलों में 362 सड़कों का निर्माण होगा। करीब 411 करोड़ से कुल 627 किमी की सड़कें बनाई जाएगी। प्रदेश के 27 जिलों के ग्रामीण बस्तियों, मजरे टोलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसमें 15 मीटर से कम लंबाई वाले नालों में पुल का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से प्रदेश की 987 बस्तियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
इसके साथ ही चिन्हित सड़कों में 15 मीटर से बड़े 102 पुलों को भी बनाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जुलाई-अगस्त तक इसमें स्वीकृत मिलने के बाद पुलों का काम शुरू किया जा सकता है।
4000 सड़कों के लिए जल्द होगा सर्वे
पीएमजीएसवाई के तहत बैच 2 के काम का भी जल्द शुरू होगा। इसके तहत करीब 4000 सड़कों के लिए सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार कर सेक्शन के लिए भेजी जाएगी। इसमें विशेष तौर पर पहाड़ी और सड़क विहीन बसाहटों को चिन्हित किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए इंस्पेक्शन किया जाएगा। जिसके लिए दिल्ली से एक टीम आएगी।
इन क्षेत्रों में बनेगी सड़कें
| जिला | सड़कों की संख्या | लंबाई (किमी) | लागत (करोड़ रु.) |
| रीवा | 66 | 137.21 | 86.04 |
| सतना | 37 | 81.18 | 50.30 |
| सागर | 47 | 89.00 | 83.92 |
| मैहर | 18 | 39.40 | 23.67 |
| सीधी | 31 | 64.90 | 42.94 |
| उमरिया | 30 | 59.36 | 36.11 |
| पन्ना | 08 | 19.60 | 17.64 |
| दमोह | 41 | 82.37 | 56.67 |
| छतरपुर | 08 | 17.00 | 14.97 |
| अनूपपुर | 64 | 8.00 | 9.64 |
| नरसिंहपुर | 12 | 18.61 | 14.32 |
| कुल | 362 | 627 | 411 (लगभग) |
बार कोड से मिलेगी सड़कों की जानकारी
पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों की पूरी जानकारी अब बार कोड से पता लगाई जा सकेगी। सड़क निर्माण के बाद बोर्ड उस स्थान पर बार कोड का बोर्ड लगाया जाएगा। बार कोड को स्कैन कर आम आदमी भी सड़क की पूरी जानकारी ले सकेंगे। इससे सड़क निर्माण में पारदर्शिता आएगी। बार कोड में सड़क की लंबाई, कॉट्रैक्टर या इंजीनियर का नाम, कुल लागत, वारंटी, निर्माण तिथि और रिन्यू डेट के साथ अन्य जानकारियां होंगी। खराब सड़क की शिकायतें भी सीधे अधिकारियों से कर सकते हैं। बार कोड लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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