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Chaitra Navratri 2026: मंगला आरती के बाद खुले मां ज्वालामुखी के पट, श्रद्धालओं की लगी लंबी कतार

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Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026: हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत्सर 2083 और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत आज गुरुवार से हुई। जहां नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के माता शैलपुत्री रूप की पूजा की गई। यहां मां ज्वालामुखी मंदिर में अलसुबह से ही भक्तों की भीड़ लगना शुरु हो गई और जैसे-जैसे दिन ढलता गया महिला-पुरुष श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मो की पूजा को आतुर नजर आये। सुबह की मंगला आरती के बाद दर्शनों के लिए खुले मंदिर के कपाट के बाद लोगों ने जलार्पित करते हुए चुनरी, श्रृंगार और फल-फूल प्रसाद का भोग लगाया।

जैसा की सभी जानते हैं चैत्र नवरात्र के साथ मंदिरों और घरों में सप्तशती के पाठ के साथ गुप्त एवं विशेष अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं और श्रद्धालु महिला-पुरुष नौ दिनों का उपवास रखकर मनोकामना मांगते हैं। कहते हैं कि यहां मां ज्वालामुखी मंदिर में मांगी गई मनोकामना मां पूरी करती हैं और यहीं वजह है कि हर वर्ष उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार सहित अन्य प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित इस मंदिर में सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर में जवारे बोए जाते हैं। नवमी के दिन भाग्य जवारा यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना पूरी होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहता है। मेले में दूर-दूर से व्यापारी अपना सामान बेचने के लिए आते हैं।

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9 दिनों तक रहेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

मां ज्यालामुखी मंदिर के पुजारी पंडित हरि ओम मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ रही है। जहां प्रतिपदा से प्रारंभ भीड़ पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में बनी रहती है। यहां चार राज्यों से श्रद्धालुओं का आना अनवरत जारी रहता है। वहीं मंदिर परिसर में लगने वाली कतारों को लेकर और मंदिर परिसर की साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गर्मी के मौसम में चैत्र नवरात्र का यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब न बनें इसके लिए परिसर में छायादार व्यवस्था के साथ पेयजल आदि मुहैया कराया गया है।

नौ दिनों तक होंगे विशेष आयोजन 

मंदिर प्रांगण में पूरे नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होती है। पंडित त्रिलोकी नाथ पांडेय ने बताया कि श्रद्धालु माता शैलपुत्री पहले दिन से लेकर माता सिद्धिदात्री तक के विभिक्ष रूपों की पूजा करते हैं। यहां अष्टमी लिथि पर विशेष पूजा और कल्या पूजन का आयोजन किया जाता है, जहाँ भक्त जवारी भेंट करते हैं। भक्तों की लगने वाली भीड़ को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा वर्शनार्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। जहां मंदिर की साफ-सफाई, गर्मी को देखते हुए पंडाल और पानी व्यवस्था की गई है।

बताया की कि मां ज्वालामुखी मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है। जहां विविध तरह के फूल मां को अर्पित किए जायेंगे। इसके अलावा नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन विशेष अनुष्ठान, भजन संध्या और कन्या पूजन का आयोजन किया जाएगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे दर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और स्वच्छता का ध्यान रखें।

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