MP Cabinet News : प्रदेश में गेहूं की खरीदी पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस के प्रस्ताव के कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने मप्र के लिए 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का कोटा तय किया है। लेकिन मप्र में इस साल 365 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। सरकार का अनुमान है कि करीब उत्पादन का लगभग 50 फीसदी गेहूं बिक्री के लिए सरकार के पास आ सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि भारत सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने वाले सरप्लस गेहूं को राज्य सरकार खुली निविदा के जरिए ओपन मार्केट में बेचेगी। इसका जिम्मा मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन को दिया जाएगा। वहीं बोनस का भुगतान विभागीय बजट प्रावधान से और सरप्लस गेहूं की विक्रय पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की भरपाई मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना से की जाएगी। बैठक के दौरान वित्त विभाग के एसीएस ने इससे राज्य के खजाने पर पड़ने वाले बोझ के आंकड़े कैबिनेट के सामने रखते हुए बोनस पर पुनर्विचार करने की बात कही। खाद्य विभाग की ओर से बताया गया कि प्रदेश में 19 लाख किसानों ने एमएसपी पर गेहूं बिक्री के लिए पंजीयन कराया है. इन किसानों से लगभग 170 लाख मीट्रिक टन गेहूं सरकारी उपार्जन केंद्रों पर पहुंचने के अनुमान है। ईरान-अमेरिका युद्ध से वारदाने का भी संकट है। मंत्री गोविंद राजपूत ने इसके लिए भी वैकल्पिक इंतजाम की बात रखी।
पीडब्ल्यूडी की 5 योजनाओं के लिए 4525 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के विकास और अनुरक्षण कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। एमपीआरडीसी के प्रोग्राम-6 के लिए 1,543 13 करोड़ करोड और प्रोग्राम-7 के लिए 1,476 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सरकारी आवास और विश्राम गृहों के रखरखाव के लिए 200.35 करोड़ की मंजूरी दी गई है। सतपुड़ा, विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक संचालन के लिए 300.70 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
उज्जैन में बनेगा 5.32 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट के लिए दो एलिवेटेड कॉरिडोर मंजूर किए गए हैं। उज्जैन में चिमनगंज मंडी (इंद्रानगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 5.32 किलोमीटर होगी।
नाम बदला; पशु पालन विभाग अब होगा गौपालन विभाग
कैबिनेट ने पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर “गौपालन एवं पशुपालन विभाग करने को मंजूरी दी है। संचालनालय का नाम भी संशोधित कर “संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन” किया जाएगा।
रीवा की पनवार सिंचाई प्रोजेक्ट को मंजूरी
कैबिनेट ने रीवा जिले में 228.42 करोड़ लागत की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों की करीब 7,350 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई सुविधा विकसित होगी।
वायनाड में 554 हेक्टेयर जमीन बेचेगा मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश सरकार केरल के वायनाड जिले स्थित बीनाची एस्टेट की 554.05 हेक्टेयर जमीन केरल सरकार को बेचने की तैयारी में है। जमीन का सौदा कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर होगा, लेकिन उससे पहले इसका वैल्यूएशन कराया जाएगा। इसके लिए मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन और केरल के मुख्य सचिव की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। मंगलवार को कैबिनेट में यह प्रस्ताव चर्चा के लिए आया, पर वैल्यूएशन रिपोर्ट के बिना इसे मंजूरी नहीं दी गई। इसे अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए गए। यह जमीन मप्र सरकार की कंपनी प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (पीआईसीएल) के पास है। इसमें से 453.96 एकड़ भूमि केरल सरकार पहले ही प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट, 1971 के तहत अधिग्रहित कर चुकी थी, जिसे मप्र ने कोर्ट में चुनौती दी थी। लंबे विवाद के बाद नवंबर 2023 में केरल हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से समाधान निकालने का आदेश दिया था। सीएस स्तर की बैठकों में सहमति बनी है कि मप्र सरकार मुआवजा लेकर पूरी जमीन केरल को सौंपेगी।
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